नाखून का रंग क्यों बदलता है?HealthPlanet

Posted on Thu 8th Dec 2022 : 10:48

नाखूनों का रंग बदलना कई बीमारियों का है संकेत

अक्सर ऐसा होता है कि कोई बड़ी बीमारी होने से पहले हमारा शरीर हमें कई संकेत देता है लेकिन हम उसे समझ नहीं पाते। नाखूनों का रंग बदलना भी ऐसा ही एक संकेत है तो कई बीमारियों के बारे में पहले से ही सूचना देता है।
 
नाखूनों का रंग बदले तो हो जाएं सतर्क
हमारा शरीर आश्चर्यजनक तरीके से काम करता है। इसकी एक बड़ी खासियत यह भी है कि यह अलग-अलग प्रतिक्रियाओं के जरिए स्वास्थ्य समस्याओं और पोषण की स्थिति के बारे में भी सूचित करता है। नाखूनों का रंग और आकार भी हमें कई तरह की बीमारियों के बारे में आगाह करता है।

मोटे नाखून
यह स्थिति फंगल इंफेक्शन के कारण होती है लेकिन अगर इसे गंभीरता से लिया जाए तो डायबीटीज, फेफड़ों में इंफेक्शन, एग्जिमा, सिरोसिस भी इसके कारण होते हैं। नाखूनों का कड़ा और मोटा होना, पीलापन, वृद्धि में कमी होना जैसे कारण इनके पीछे हो सकते हैं।

पीला रंग
नाखून का रंग पीला पड़ने के पीछे फंगल इंफेक्शन या सिरोसिस जैसे गंभीर कारण भी हो सकते हैं। नीलापन या सिलेटी रंग लिए हुए नाखूनों का मतलब है कि आपके शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सिजन नहीं मिल पा रहा है और उसे ऑक्सिजन की जरूरत है।

नाखून देखकर जानें किस रोग से हो सकते हैं परेशान
सफेद पैच
नाखूनों का रंग ब्राउन या डार्क होना थायरॉइड या कुपोषण के कारण हो सकता है। इसके अलावा नाखूनों पर सफेद रंग के पैच बनने का मतलब है कि शरीर में आयरन की कमी है।

कमजोर नाखून
रूखे, कमजोर और भुरभुरे नाखून, जो जल्दी टूट जाते हों, उनक सीधा संबंध थायरॉइड या फंगल इंफेक्शन से होता है। यह एक तरह के फंगस के कारण भी हो सकता है, जो आपकी त्वचा व मुंह पर रैशेज के रूप में सामने आते हैं।
नाखून बताते हैं आपकी सेहत का हाल
महिलाएं अक्सर अपने नाखूनों को खूबसूरत बनाने में घंटों लगा देती हैं। कभी पॉलिशिंग में, कभी इनकी ट्रिमिंग में तो कभी शेपिंग में लेकिन इन्हीं नेल्स में आने वाले छोटे-मोटे बदलावों पर हमारा ध्यान नहीं जाता, जबकि यही बदलाव हमारे हेल्थ की पूरी कहानी कहते हैं। ऐसे में अगर आपको भी अपने नाखूनों पर कुछ निशान दिखें तो सतर्क हो जाएं क्योंकि यह किसी बीमारी का संकेत हो सकता है...

नाखून पर एक से ज्यादा सफेद धारियां किडनी से जुड़ी बीमारियों और शरीर में पोषक तत्वों की कमी की ओर इशारा करती हैं। समय रहते डॉक्टर को दिखाएं।
नाखून बहुत सॉफ्ट हैं और अंदर से खोखले नजर आते हैं, तो यह लीवर प्रॉब्लम या शरीर में आयरन की कमी का संकेत है। आयरन की कमी से ये टूटना भी शुरू हो जाते हैं।

जब नेल्स पीले पड़ते जा रहे हों या बेहद मोटे हो गए हों, इसके साथ ही, बार-बार टूट भी रहे हों तो समझिए कि आपको फंगल इन्फेक्शन की समस्या है। तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

आपके नेल्स में शाइनिंग नहीं रहती, तो समझें कि आपको अनीमिया की समस्या है। इस तरह के नाखून वालों को डायबीटीज और लीवर से जुड़ी समस्याएं होने की भी सम्भावनाएं होती हैं।

नेल्स पर काली रेखा या धब्बे नजर आ रहे हैं, तो आपको मेलेनोमा हो सकता है। इस तरह के धब्बे आमतौर पर किसी एक ही नाखून पर या पैर के नाखून में देखने को मिलते हैं।

नाखून पर हल्का सा नीला रंग नजर आ रहा है, तो यह शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सिजन न मिलने का संकेत है। आपको फेफड़ों की समस्या हो सकती है, इससे अंदाजा लगा सकती हैं।

जब आपके नाखून लम्बे होने के बाद उंगलियों की तरफ ही मुड़ने लगें, तो इसे नेल क्लबिंग कहते हैं। कई बार शरीर में ऑक्सिजन की कमी से नाखूनों को यह शेप मिलती है।

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